
बड़वानी 02 सितम्बर 2026/प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बड़वानी श्री एम.के.जैन ने 01 सितम्बर को अपने दिए गए एक फैसले में आरोपी रेहान को अपराध धारा 419/511, 467, 468, 471 भा.द.वि. एवं धारा 25(1-ख)(ए) आयुध अधिनियम मे क्रमशः 06 माह व 500 रूपये, 03 वर्ष एवं 10 हजार, 02 वर्ष एवं 05 हजार, 06 माह एवं 01 हजार, 02 वर्ष एवं 01 हजार के अर्थ दण्ड से दण्डित किया गया तथा आरोपी फुलसिंह पिता वेस्ता तरोले को अपराध धारा 467, 120(बी) भा.द.वि. मे 03 वर्ष व 10,000/- रूपये के अर्थ दण्ड से दण्डित किया गया।
घटना के विवरण अनुसार 06 अप्रैल 2021 को फरियादी श्रुति पिता सुनिल पाटीदार ने थाना उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज करवायी गई, कि उसके द्वारा उत्कृष्ट स्कूल बडवानी के सामने स्थित दीवार पर एक पर्चा चिपका देखा, जिस पर कोटक महेन्द्रा बैंक मे नौकरी के लिए लडकीयों की आवश्यकता है। और फोन पर फरियादी से कहा मैं रेहान खान, कोटक महेन्द्रा बैंक का मैनेजर बोल रहा हूॅ, मैं राजपुर रहता हॅू। फरियादीनी ने कोटक महेन्द्रा बैंक मे नौकरी करने की इच्छा जाहिर की तो रेहान के द्वारा जागर्स पार्क बडवानी में बुलाया और कहा कि आ जाओं, वही आकर नौकरी के बारे मे समझा देता हूॅ। जहां पहूचने पर आरोपी रेहान मिला, फरियादीयां ने पुछा कि क्या काम करना पडेगा, तो आरोपी ने बताया कि कुछ भी काम नही करना है, केवल लोन फार्म भरना है, जिसका वेतन फरियादीयां को 3000 रूपये प्रतिमाह बताया था तथा सैलेरी मार्च 2021 से शुरू होना बताया था। जिस पर से आरोपी के द्वारा उसके 12 वीं की अंकसूची, आधारकार्ड, फोटो फरियादी से ले लिये। 1 हफ्ते बाद आरोपी फरियादी को उसके रूम पर आकर कोटक महेन्द्रा बैंक का आई.डी.कार्ड दे गया, फरियादीया ने काम का पुछा तो आरोपी के द्वारा आश्वासन दिया गया कि तुम काम की चिंता मत करो तुम्हारी सैलेरी शुरू हो गयी है। इस तरह मार्च माह मे फरियादीया के द्वारा आरोपी को कई बार फोन लगाये किन्तु आरोपी के द्वारा यही जवाब दिया कि काम आने पर बता दिया जावेगा।
उक्त आश्वासन से फरियादीयां को आशंका हुई कि आरोपी के द्वारा ना तो वेतन दिया जा रहा है और ना ही कोई काम बताया जा रहा है तो फरियादीयां के द्वारा आरोपी को अपनी सहेली की नौकरी दिलवाने के बहाने से मिलने बुलाया, जिस पर से आरोपी के द्वारा जागर्स पार्क मे बुलाया। फरियादीयां व उसके सहेली जागर्स पार्क पहुॅची जहां पर आरोपी सफेद रंग की स्वीफ्ट कार मे आया जिस पर पुलिस लिखा था, आरोपी खाकी कलर का पेंट व शर्ट पहन कर आया था। आरोपी ने पुलिस की टोपी व लाल जूते पहन रखे थे तथा आरोपी ने आकर कहा कि मैं एस.आई. हूॅ, तथा जल्द ही आई.पी.एस. बनने वाला हूॅ, उसके पास पुलिस सब इंस्पेक्टर लिखा आई.डी.कार्ड, दैनिक अमन संवाद प्रेस का आई.डी.कार्ड, महेन्द्रा कोटक बैंक का आई.डी. कार्ड, उसकी गाडी मे आगे जिला कलेक्टर बडवानी के सील लगे तीन लेटर व उन लेटर मे पिन से पंच किये गये नर्मदा ग्रामीण बैंक के भरे 1 -1 करोड के चैक, कुछ सीले तथा कई लोगो के मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के फार्म व उनके फोटो लगी थी। जिस पर से फरियादीयां ने अपने पहचान के जितेन्द्र पाटीदार, उमेश देवडा, अंतिम मंडलोई, भायदास सुल्या को बुलाया और आरोपी रेहान के बारे मे बताया गया। इनके द्वारा मौके पर पहुॅच कर पुलिस बुलायी गयी, पुलिस को आता देखकर आरोपी वहा से गाडी को लाॅक कर भाग गया था। आरोपी की गाडी को पुलिस के द्वारा जप्त कर आरोपी को ढुंढा गया।
आरोपी रेहान को गिरफ्तार करने पर पुछताछ मे उसने अन्य आरोपी फुलसिंह पिता वेस्ता तरोले का नाम बताया तथा पुलिस के द्वारा अपराध की कायमी कर अनुसंधान पूर्ण कर न्यायालय के समक्ष अभियोग पत्र पेश किया गया। प्रकरण मे आयी तकनिकी साक्ष्य के आधार पर माननीय न्यायालय के द्वारा
प्रकरण का अनुसंधान उपनिरीक्षक नेपालसिंह चौहान द्वारा किया गया तथा प्रकरण में शासन की ओर से न्यायालय मे पैरवी लोक अभियोजक दीपक चौहान बडवानी के द्वारा की गई।